IndiaNews24 Live TV

Latest Online Breaking News

कोरोना गाइडलाइन के नाम पर लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शनों का दमन करना बंद करे शिवराज सरकार – एड राकेश महाले

पत्रकार बबलू निरापुरे आमला

अघोषित तानाशाही के ख़िलाफ़ सभी लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष, जनवादी ताकतें लामबंद हो।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वादों के बावजूद चयनित शिक्षकों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली तो तंग आकर शिक्षकों ने 18 जुलाई को भोपाल में शांतिपूर्ण धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा कार्यालय के सामने धरने पर बैठे शिक्षकों को देर रात भाजपा सरकार के निर्देश पर जबर दस्ती उठा दिया गया। कई लोगों पर मुकदमे भी दर्ज किये गए। धरना स्थल से उठाते समय पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से बदसलूकी की। धरने में अपने दुधमुंहे बच्चों के साथ आयी महिलाओं का रोना बिलखना सरकार को सुनायी नहीं दिया। पुलिस प्रशासन ने ताबड़तोड़ तरीके से उन्हें खदेड़ भगाया। शिक्षक पात्रता परीक्षा में चयनित शिक्षकों को पिछले तीन साल से नियुक्ति का इंतजार है। एक बार फिर कोरोना गाइडलाइन का हवाला देते हुए शिक्षकों की आवाज को दबा दिया गया। कुछ दिन पहले यही हाल अतिथि शिक्षकों के साथ भी किया गया था।इसी प्रकार भर्ती खोलने, रिक्त पदों को भरने, चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति देने सहित स्थायी रोजगार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौजवानों को भी बेहरमी से पीटा गया जिसमें कई छात्र घायल हुये। प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस वाहनों में बैठाकर शहर से 25 किलोमीटर दूर अनजानी जगहों पर छोड़ दिया गया। कई जिलों से आये छात्र- नौजवान सारी रात भटकते रहे। कई छात्रों पर मामला दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया गया।
उक्त दोनों दमनात्मक कार्यवाही मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की तानाशाही को उजागर करती है एड राकेश महाले ने इस प्रकार की दमनात्मक कार्यवाही की भर्त्सना की है और चयनित शिक्षकों व आंदोलनकारी छात्र- नौजवानों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करती है। चयनित शिक्षकों और आन्दोलनकारी छात्र- नौजवानों की मांगों को तत्काल पूरा किया जाये और उनके साथ बदसलूकी करने वाले पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्यवाही की जाए।
एड राकेश महाले ने कहा कि कोरोना गाइडलाइन का उपयोग करके मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार लगातार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। इसी का हवाला देते हुए कुछ दिनों पहले किसान आंदोलन के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा, मध्यप्रदेश द्वारा राज्यपाल को ज्ञापन नहीं देने दिया गया। ज्ञापन देने आए किसान नेताओं को दिनभर गांधी भवन में नजरबंद रखा गया। इसी आधार पर नियमतीकरण, वेतनवृद्धि और विभाग में संविलियन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं नीलम पार्क में दो दिन तक बंदी बनाये रखा गया। इसी कोरोना गाइडलाइन के आधार पर कोटवारों को भोपाल में प्रदर्शन नहीं करने दिया गया उन्हें जबरन खदेड़ दिया गया।

ऐसा प्रतीत होता है जैसे सरकार अब हर विरोध की आवाज को, जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को लाठी- डंडे से कुचलना चाहती है। लोकतंत्र और संविधान को ताक पर रखकर भाजपा सरकार राज्य की शक्तियों का भरपूर दुरुपयोग कर रही है। एड राकेश महाले की तमाम लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और जनपक्षधर ताकतों से शिवराज सरकार की निरंकुश तानाशाही ख़िलाफ़ लामबंद होने की अपील करती है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button 

लाइव कैलेंडर

January 2022
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

LIVE FM सुनें